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Monday, September 27, 2010

और नदी का अस्तित्व ही समाप्त हो जायेगा |

 September 27, 2010     hindi poem, manoranjan shriavstav, manu srijan     2 comments   

लहरे नदी की, उठती हैं,
गिरती हैं, तट से टकराती है,
और लौट जाती हैं,
अनंत बार चलता है ये क्रम,
निर्विघ्न |

कोमल जल के प्रचंड प्रहार से,
टूटता है सीना तट का,
शनै: शनै:,
नदी चौड़ी होती जाती है,
अपना आकर बढाती है |

कोमल जल के प्रचंड प्रहार से
नहीं टूटता सीना तट का ,
वरन टूटता है उस एकता के
बल से जो लहरों में समाई होती है|

गर ख़त्म हो जाये ये एकता ,
तो लहरों की परिणति बूंदों ने हो जाएगी,
और नदी का अस्तित्व ही समाप्त हो जायेगा |
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Friday, September 24, 2010

जहाँ अभी है मंदिर मस्जिद वहाँ बनेगी मधुशाला ||53||

 September 24, 2010     manoranjan, manoranjan shriavstav, manoranjan shrivastav, manu, manu mania, manu shrivastav, manu srijan     3 comments   

बजी न मंदिर में घडियाली, चढ़ी न प्रतिमा पर माला,
बैठा अपने भवन मुअज्जिन देकर मस्जिद में टला,

लूटे खजाने नरपतियों के, गिरीं गढ़ों की दीवारें,
रहें मुबारक पीनेवाले, खुली रही यह मधुशाला ||२०||

हरा भरा रहता मदिरालय, जग पर पड़ जाये पाला,
वहां मुहर्रम का तम छाये, यहाँ होलिका की ज्वाला;
स्वर्गलोक से सीधी उतारी वसुधा पर, दुःख क्या जाने;
पढ़े मर्सिया दुनिया सारी; ईद मानती मधुशाला.||25||

एक बरस में एक बार ही, जगती होली की ज्वाला,
एक बार ही लगाती बाज़ी, जलती दीपों की माला ;
दुनिया वालो, किन्तु, किसी दिन आ मदिरालय में देखो,
दिन को होली, रात देवाली, रोज़ मनाती मधुशाला||26||

दुत्कारा मस्जिद ने मुझको कह कर पिने वाला,
ठुकराया ठाकुरद्वारे ने देख हथेली पर प्याला,
कहा ठिकाना मिलाता जग में भला अभागे काफ़िर को?
शरणस्थल बनकर न मुझे यदि अपना लेती मधुशाला ||46||

सजे न मस्जिद और नमाजी, कहता है अल्लाताला ,
सजधजकर, पर साकी आता , बन थान कर , पीनेवाला,
शेख कहा तुलना हो सकती है मस्जिद की मदिरालय से,
चिर-विधवा है तेरी मस्जिद सदा सुहागिन है मधुशाला||48||

मुस्लमान औ  हिन्दू हैं दो, एक, मगर, उनका प्याला,
एक मगर, उनका मदिरालय , एक, मगर, उनकी हाला;
बैर बढ़ाते मंदिर मस्जिद, मेल कराती मधुशाला ||50||

कोई भी हो शेख नमाजी या पंडित जपता माला,
बैर भाव चाहे जितना हो, मदिरा से रखने वाला,
एक बार बस मधुशाला के आगे से होकर निकले,
देखूँ कैसे थाम न लेती दमन उसका मधुशाला ||51||



आज करे परहेज जगत, पर कल पीनी होगी हाला,
आज करे इंकार जगत पर, कल पीना होगा प्याला;
होने दो पैदा मद का महमूद जगत में कोई, फिर
जहाँ अभी है मंदिर मस्जिद वहाँ बनेगी मधुशाला ||53||




--- साभार मधुशाला 
हरिवंश राय बच्चन
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चुनाव लड़ा व् दुर्गा माई के

 September 24, 2010     No comments   

       


मेरे भजन पे आधारित, देखे जरुर. !!!!
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फितरत है .......!

 September 24, 2010     hindi poem, manoranjan shriavstav, manu shrivastav, manu srijan     No comments   

फितरत है हमारी, की हम दुश्मनों को भी दोस्ती का हाथ बढ़ाते है,
फितरत है  उनकी वो हाथ भी मिलाते  हैं   मानो   ट्रिगर दबाते हैं |
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Sunday, September 19, 2010

महिमा कुर्सी की

 September 19, 2010     hindi poem, manoranjan shrivastav, manu shrivastav, manu srijan     8 comments   

पत्रकार ने पूछा नेता से एक बात बताओ भाई,
कुर्सी के लिए आपस में आप क्यों करते हो लड़ाई.

नेता जी बोले सीक्रेट वाली बात नहीं बताई जाती है
होती है लड़ाई जो कुर्सी के लिए वही राजनीती कहलाती है.

कुर्सी हमारी भगवान है , कुर्सी में बसे हमारे प्राण हैं
कुर्सी    के    लिए    हम    लेते देते      जान       हैं


 जीते हैं कुर्सी के लिए , मरते हैं कुर्सी के लिए
हर जलालत मलालत हम सहते हैं कुर्सी के लिए

हे  कुर्सी देव आपकी महिमा अपरम्पार है
सरे नेताओ को कुर्सी से ही प्यार है
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Thursday, September 2, 2010

late jaungi?

 September 02, 2010     jokes, manoranjan, manoranjan shriavstav, manu, manu srijan, sms     No comments   

ladki office me late aayi to boss ne khoob danta.
ladaki - sir, main late aayi hu to late jaungi!
boss - ok, pahle mere sath
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kiss kar lu?

 September 02, 2010     jokes, kiss kar lu? sms, manoranjan, manoranjan shriavstav, manu, manu srijan, non-veg     No comments   

ladka - main tumko kiss kar lu?

ladki - haa ! per aaj puchh kyu rahe ho?

ladka - wo tumhari sandale aaj dekhane me nayi lag rahi hai na.
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laal machchhar.

 September 02, 2010     jokes, manoranjan, manoranjan shriavstav, manu, manu srijan, sms     No comments   

ek machhar uper se niche laal ho gaya tha. ghar aaya to ukso misses ne puchha khoon pine gaye the ya usame nahane.
machchaar bola - do ladkiya kiss kar rahi thi, main unke otho ke bich dab gaya tha.
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