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Saturday, July 27, 2013

how to type HINDI without using Internet?

 July 27, 2013     hindi typing, hindi typing offline, how to type HINDI without using Internet, kruti dev font, Mangal font, manu, manu shrivastav, manushrivastav, turkash, turkash.blogspot.in     No comments   

कंप्यूटर पर इंग्लिश में लिखना बहुत आसान है ,मगर हिन्दी टाइप करना थोडा मुश्किल है. ये मुश्किल तब और भी बढ़ जाती है जब हिंदी टाइपिंग नहीं आती हो. हिंदी टाइपिंग को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन कई सारे साइट्स मौजूद हैं, जो हिंदी टाइपिंग की सुविधा उपलब्ध कराते हैं. आप इंग्लिश में टाइप करते जाते हैं, और आपके सामने हिंदी यूनिकोड में टाइप होता जाता जाता है. मगर इस सुविधा का फायदा कोई भी तब हीं उठा सकता है, जब उसके पास इन्टरनेट का कनेक्शन हो.

मगर गूगल ने एक ऐसी सुविधा दी है, जिससे आप ऑफलाइन भी हिंदी यूनिकोड की टाइपिंग का लुफ्त उठा सकते हैं. इसके लिए अपने सिस्टम में बस थोड़ी सी सेटिंग करनी होगी.

लेकिन यहाँ भी एक समस्या है की हिंदी यूनिकोड फॉन्ट को प्रयोग सिर्फ साईट में कर सकते हैं, उसका प्रयोग किसी टाइपिंग सॉफ्टवेर में नहीं कर सकते हैं. हिंदी टाइपिंग सॉफ्टवेर में ज्यादातर kruti dev फॉन्ट का प्रयोग होता है. कुछ अन्य फॉन्ट भी प्रयोग किये जाते हैं, मगर kruti dev ज्यादा प्रचलन में है.

यहाँ पर मैं कुछ यहाँ पर मैं कुछ सेटिंग बताने जा रहा हूँ, जिससे कोई भी हिंदी को यूनिकोड में टाइप कर के उसे kruti dev फॉन्ट में कन्वर्ट कर सकता हैं. उसके बाद यूनिकोड को साईट पर और kruti dev को प्रिंटिंग के लिए आराम से प्रयोग कर सकता हैं.

गूगल में ढूंडते हुए सबसे पहले मुझे पता चला था की ऑनलाइन हिदी में कैसे टाइप करते हैं. थोडा और ढूंढा तो पता लगा की हिंदी यूनिकोड फॉन्ट को kruti dev में कैसे कन्वर्ट करते हैं. थोडा और ढूंढा तो ये भी पता लग हीं गया की ऑफ लाइन यूनिकोड कैसे टाइप करते हैं.

पढ़ा था की आवश्यकता हीं मम्मी है. तो अंततः मुझे हिंदी टाइपिंग का वो तरीका मिल ही गया , जिसकी मुझे जरुरत थी. हिंदी में टाइपिंग करने के लिए हिंदी टाइपिंग भी सिखा जा सकता था या सिखा जा सकता है. मगर जब आसान तरीका मौजूद है तो मुश्किल रस्ते को क्यों चुना जाये?

खैर! काम की बात ये है, ऑनलाइन हिंदी यूनिकोड लिखने लिए, ऑनलाइन हिंदी यूनिकोड को मंगल फॉन्ट कहते हैं, गूगल में Indic transliteration सुविधा थी, बाद में उसका नाम बदल कर Cloud हो गया. जो गूगल के Input Tool के अन्दर आता है. ऑनलाइन हिंदी यूनिकोड आप यहाँ पर टाइप कर सकते हैं, - http://www.google.co.in/inputtools/cloud/try/ .. आपके पास 24 x 7 इन्टरनेट की सुविधा उपलब्ध है तो ये लिंक आपके लिए बहुत कारगर है. अगर नहीं , तो फिर आगे बढ़ते हैं.

इसे आप अपने कंप्यूटर में भी इनस्टॉल कर सकते हैं, इनस्टॉल करने के लिए आपको उसे यहाँ से डाउनलोड करना होगा - http://www.google.co.in/inputtools/windows/    यहाँ आपको हिंदी में टिक लगाना होगा, फिर टर्म एंड कंडीशन को एग्री करने के लिए टिक लगाना होगा उसके बाद डाउनलोड करिए और उसे इनस्टॉल करिए. 

इनस्टॉल करने के दौरान आपका इन्टरनेट कनेक्शन चालू होना चाहिए.  आपका इन्टरनेट कनेक्शन जितना ज्यादा फ़ास्ट होगा, आप उतनी हीं जल्दी उसे इनस्टॉल कर पाएंगे.

चलिए मान लिया की आपका इन्टरनेट कनेक्शन बहुत फ़ास्ट है और गूगल के Cloud App आपने इनस्टॉल कर लिया है. 

इनस्टॉल होने के बाद कंप्यूटर के डेस्कटॉप के राईट बॉटम कार्नर में एक नया आइकॉन दिखाई देने लगेगा. - EN . 
 फिगर :01

EN बॉटम पर क्लिक करने पर एक pop-up खुलेगा, उसमे आपको EN और उसके निचे HI दिखेगा .

फिगर :02

 EN मीन्स English.  HI मीन्स हिंदी . 

हिंदी में टाइप करना हो तो हिंदी सेलेक्ट कर लीजिये, इंग्लिश टाइप करना हो, तो इंग्लिश सेलेक्ट कर लीजिये. और टाइपिंग का पूरा लुत्फ़ उठाइए. 

'लेख' अभी खत्म नहीं हुआ है. 

हिंदी टाइप करने के लिए ऊपर के फिगर: 02 में जब आप हिंदी को सेलेक्ट करोगे, एक pop-up और खुलेगा. ( ( (कभी-कभी नहीँ भी खुलता है, अत: घबडाने कि जरा भी जरुरत नही है ) इस pop-up में कुछ करने की जरुरत नहीं है. मगर है वो बड़े हीं काम का. pop-up कुछ इस प्रकार का होगा 

 फिगर 03


फिगर 03 में एक कि-बोर्ड बना है, उसपर क्लिक करने से एक pop-up खुलेगा, जो एक गाइड का काम करेगा, की कौन सा अक्षर लिखने के लिए कौन सा बटन दबाएँ. वैसे आपने ऑनलाइन हिंदी में इतनी टाइपिंग कि होगी की आपको इस गाइड की जरुरत नहीं हीं पड़ेगी. 



अब आपको अपने टाइप किये हुए मैटर को हिंदी यूनिकोड यानी मंगल फॉन्ट से kruti dev फॉन्ट में कन्वर्ट करना है. आप ऑनलाइन भी कन्वर्ट कर सकते हैं और ऑफलाइन भी कन्वर्ट कर सकते हैं. दोनों सुविधा आपको एक हिं साईट पर यहाँ  ( http://rajbhasha.net/drupal514/UniKrutidev+Converter ) से मिल जाएगी. ऑफलाइन के लिए बस आपको अपने सिस्टम में कनवर्टर इनस्टॉल करना होगा, जो की इसी लिंक से डाउनलोड हो जाएगी.


फॉन्ट कनवर्टर में दो बॉक्स बना होता है. एक kruti dev फॉन्ट के लिए दूसरा यूनिकोड फॉन्ट के लिए. यानी आप यूनिकोड से kruti dev और kruti dev से उनिकोड दोनों में कन्वर्ट कर सकते हैं. 

 हम यहाँ हिंदी यूनिकोड मंगल फॉन्ट से kruti dev में कन्वर्ट करने की बात कर रहे हैं, तो इसी बात को लेकर आगे बढ़ते हैं. मंगल फॉन्ट को kruti dev में कन्वर्ट करने के बाद हमे जो आउटपुट ( आउटपुट हमेशा इंग्लिश लेटर्स में मिलेगा.) मिलता है, उसे MS-WOrd में कॉपी करके , उसका फॉन्ट kruti dev से चेंज कर देंगे.

और लीजिये आपका हिंदी यूनिकोड में टाइप किया हुआ मैटर kruti dev में कन्वर्ट हो गया है. 

एक मिनट रुकिए , आपके कंप्यूटर में kruti dev फॉन्ट इनस्टॉल तो है ना? 

नहीं है? 

अरे! कोई बात नहीं. kruti dev फॉन्ट यहाँ से ( http://indiatyping.com/index.php/download/95-hindi-font-krutidev ) डाउनलोड कर के इनस्टॉल कर लीजिये. दो मिनट हीं तो लगेगा. 

और लीजिये आपका हिंदी यूनिकोड में टाइप किया हुआ मैटर kruti dev में कन्वर्ट हो गया है. 

आखिर में अगर आपको लगता है की इतना सब करना बहुत हीं लेंदी प्रोसेस है तो भाई ऐसा करो की हिंदी टाइपिंग हीं सिख लो. और हिंदी टाइपिंग सिखने के लिए किसी टाइपिंग इंस्टीच्युट में जाने की जरुरत नहीं है, वो भी आओ यहाँ ( http://indiatyping.com/index.php/typing-tutor/hindi-typing-tutor-krutidev ) ऑनलाइन हीं सिख सकते हैं. मगर ध्यान रहे यहाँ पर टाइपिंग सिखने के लिए इन्टरनेट का कनेक्शन होना जरुरी है.

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Sunday, July 14, 2013

Jonny Jonny (writer version)

 July 14, 2013     hasya, hindi poem, Jonny Jonny, manu shrivastav, manushrivastav, turkash.blogspot.in, मनु श्रीवास्तव, व्यंग, हास्य     No comments   

Jonny! Jonny!
Yes Papa!
Writing Novel?
Yes Papa.
Novel Published?
No Papa.
Script Rejected?
No Papa.
Publisher Denied?
Ha! Ha! Ha! Ha! Ha!

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Thursday, July 11, 2013

आईने

 July 11, 2013     aaine, love poem, manu shrivastav, manushrivastav, poem, turkash, turkash.blogspot.in, आईने, कविता     No comments   

क्या जरुरत है तुझको किसी आईने की,
तेरा हुश्न मोहताज है ना किसी की,
संगमरमर की मूरत हो,
बहुत खुबसूरत हो,
तराशी गयी हो,
जो तबियत से फुरसत में,
मानों यकीं मेरा,
तुमसा नहीं कोई,
देखा है तुमको,
तो थम सी गयी है,
ये हवा इन फिजाओं की,
परवाह नहीं हैं उनको,
घुटती हुई सांसों के किसी की,
दीदार तेरा है, रमजान का चाँद,
टकटकी लगाये,
निहारे जा रहे हैं,
तेरा अक्स समाया है,
आँखों में मेरी,
ये आँखे ना कम हैं,
किसी आईने से,
इन्ही आइनों को आजमा के देखो




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Sunday, July 7, 2013

एक रूपया

 July 07, 2013     dollar, ek rupaya, hasya, manu shrivastav, manushrivastav, turkash, turkash.blogspot.in, vyang, मनु श्रीवास्तव, व्यंग, व्यंग्य, हास्य     No comments   

एक रूपया कितना मूल्यवान है, ये उन्ही को पता है जिन्हें एक रुपये की जरुरत पड़ती है. मसलन अगर किसी शुभ कार्य में न्योता करना हो, तो एक रुपये की दरकार पड़ती हीं पड़ती है. अब दूसरी तरफ , आप कोई ब्रांडेड सामान खरीदने जा रहे  हैं, को आपको हर सामान का मूल्य एक रुपया कम कर के लिखा मिलेगा। 
अब अपने शहर जमशेदपुर को हीं ले लीजिये,  टेम्पू किराया में बढ़ोतरी के बाद जब विरोध हुआ ,तो कुछ ऑटो वाले भाइयों ने किराया पुनः कम कर दिया, मगर कुछ ने एक रुपया रुपया बढ़ाये रखा है. अब एक रुपये की महिमा है हि निराली क्या कीजियेगा? बस अब यात्रियों को थोडा मसक्कत करना होगा, ऑटो ढुढने  मे, किस ऑटो में बैठे की एक रूपया कम देना पड़े और किस्मे बैठने में  एक रूपया ज्यादा देना पडेगा। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रस्ताचार, और जीवन के भागमभाग के बिच , ये एक और समस्या बढ़ गयी। 
रुपये पैसे के लिए बहुत सी लड़ाईयां लड़ी गयी हैं, पर अब तो हर गली -चौराहे पर एक रुपये की लड़ाई लड़ी जाती है. वो वाली लड़ाई नहीं जिसने तीर तलवार की जरुरत हो, इसमें सिर्फ बत्तगुजन होता है. 
किसी को किराया देना है, और उसके पास एक रुपये छुट्टे नहीं हैं, अब बिना पूरा किराया दिए वो जा नहीं सकता और बिना पूरा किराया लिए कोई उसे जाने नहीं देगा. फिर क्या, आपको अपनि जेब के हर कोने को टटोलना होगा, कहीं से तो निकले ये कमबख्त एक रुपया। और जब आप पूरा मन लगा कर ढूढीयेगा तो किसी न किसी जेब से एक रुपया तो निकल हीं आएगा।  और ये किसी खजाने से कम नहीं होगा. उसे थामने वाला हाथ कांप ही जायेगा, अगर सही से उस रुपये को नहीं पकड़ा तो , रुपये का हाथ से छुट कर गिर जाने से कौन रोक सकता है. रूपया तो लक्ष्मी होता है, चालक भाई साब उसे गिरने से बचाने की पुरजोर कोशिश कर सकते हैं, इस क्रम में वो खुद गिरते गिरते रह जायेङ्गे. पर सवाल है, की रुपये को कहाँ कहाँ गिरने से बचायेंगे,  रूपया तो हर जगह गिर रहा है. रुपये के लिए इंसान गिर रहा है. उतराखंड में को हीं  लेते हैं,वह इतनी भयानक आपदा आई है, इस त्रासदी से देशदुनिया हिल गयी है. पर कुछ के दिल जरा भी नहीं हिले, आपदा ग्रस्त लोगो से जीवनोपयोगी चीजों को दुगुने तिगुने दामों पर बेचते हुये, कुछ के जमीर तक नहीं हिले, शव से गहने और रुपये चुराते हुये. 
उनके लिए मानो एक हीं मंत्र था, बाप बड़ा ना भईया , भईया सबसे बड़ा रुपया। शायद उनको डॉलर के बारे में ना पता हो, जिसने सामने रूपया भी गिर रहा है, रोज़ एक रुपया कर के. 
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