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Friday, September 24, 2010

जहाँ अभी है मंदिर मस्जिद वहाँ बनेगी मधुशाला ||53||

 September 24, 2010     manoranjan, manoranjan shriavstav, manoranjan shrivastav, manu, manu mania, manu shrivastav, manu srijan     3 comments   

बजी न मंदिर में घडियाली, चढ़ी न प्रतिमा पर माला,
बैठा अपने भवन मुअज्जिन देकर मस्जिद में टला,

लूटे खजाने नरपतियों के, गिरीं गढ़ों की दीवारें,
रहें मुबारक पीनेवाले, खुली रही यह मधुशाला ||२०||

हरा भरा रहता मदिरालय, जग पर पड़ जाये पाला,
वहां मुहर्रम का तम छाये, यहाँ होलिका की ज्वाला;
स्वर्गलोक से सीधी उतारी वसुधा पर, दुःख क्या जाने;
पढ़े मर्सिया दुनिया सारी; ईद मानती मधुशाला.||25||

एक बरस में एक बार ही, जगती होली की ज्वाला,
एक बार ही लगाती बाज़ी, जलती दीपों की माला ;
दुनिया वालो, किन्तु, किसी दिन आ मदिरालय में देखो,
दिन को होली, रात देवाली, रोज़ मनाती मधुशाला||26||

दुत्कारा मस्जिद ने मुझको कह कर पिने वाला,
ठुकराया ठाकुरद्वारे ने देख हथेली पर प्याला,
कहा ठिकाना मिलाता जग में भला अभागे काफ़िर को?
शरणस्थल बनकर न मुझे यदि अपना लेती मधुशाला ||46||

सजे न मस्जिद और नमाजी, कहता है अल्लाताला ,
सजधजकर, पर साकी आता , बन थान कर , पीनेवाला,
शेख कहा तुलना हो सकती है मस्जिद की मदिरालय से,
चिर-विधवा है तेरी मस्जिद सदा सुहागिन है मधुशाला||48||

मुस्लमान औ  हिन्दू हैं दो, एक, मगर, उनका प्याला,
एक मगर, उनका मदिरालय , एक, मगर, उनकी हाला;
बैर बढ़ाते मंदिर मस्जिद, मेल कराती मधुशाला ||50||

कोई भी हो शेख नमाजी या पंडित जपता माला,
बैर भाव चाहे जितना हो, मदिरा से रखने वाला,
एक बार बस मधुशाला के आगे से होकर निकले,
देखूँ कैसे थाम न लेती दमन उसका मधुशाला ||51||



आज करे परहेज जगत, पर कल पीनी होगी हाला,
आज करे इंकार जगत पर, कल पीना होगा प्याला;
होने दो पैदा मद का महमूद जगत में कोई, फिर
जहाँ अभी है मंदिर मस्जिद वहाँ बनेगी मधुशाला ||53||




--- साभार मधुशाला 
हरिवंश राय बच्चन
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3 comments:

  1. SumanSeptember 24, 2010 at 5:45 PM

    nice

    ReplyDelete
    Replies
      Reply
  2. Udan TashtariSeptember 24, 2010 at 6:21 PM

    आभार मधुशाला से यह अंश प्रस्तुत करने का.

    ReplyDelete
    Replies
      Reply
  3. aam-aadamiSeptember 25, 2010 at 10:24 AM

    ye pankiya abhi ke ayodhya fiasale ke sandarf me bhi uchit VYANGA hai..

    kyu ki mandir ya masjid kuchh bhi bane dusare paksh ke virodh ke karan deh me ashanti ka mahaul paida ho jayega

    ReplyDelete
    Replies
      Reply
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