कुर्सी के लिए आपस में आप क्यों करते हो लड़ाई.
नेता जी बोले सीक्रेट वाली बात नहीं बताई जाती है
होती है लड़ाई जो कुर्सी के लिए वही राजनीती कहलाती है.
कुर्सी हमारी भगवान है , कुर्सी में बसे हमारे प्राण हैं
कुर्सी के लिए हम लेते देते जान हैं
जीते हैं कुर्सी के लिए , मरते हैं कुर्सी के लिए
हर जलालत मलालत हम सहते हैं कुर्सी के लिए
हे कुर्सी देव आपकी महिमा अपरम्पार है
सरे नेताओ को कुर्सी से ही प्यार है
अच्छा प्रयास है...
ReplyDeleteबहुत अच्छे....
ReplyDeleteइस सुंदर से चिट्ठे के साथ हिंदी ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!
ReplyDeleteहिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
ReplyDeleteकृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें
ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
ReplyDelete‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।
मालीगांव
साया
लक्ष्य
हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
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सार्थक प्रयास
ReplyDeleteस्वागत ,सुन्दर अभिव्यक्ति । शुभ कामनाएं ।
ReplyDeletesateek kavya.
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