ए मुर्गी ए मुर्गी ! December 01, 2011 hasya, manu shrivastav, manu srijan, vyang 4 comments ए मुर्गी ए मुर्गी !क्या तेरे पास है अंडा?जी जजमान! जी जजमान! मेरे पास है तीन अंडाएक अंडा एससी / एसटी के लिए दूसरा ओबीसी के लिएतीसरे से होगा मेरा लाल पैदा Share This: Facebook Twitter Google+ Stumble Digg Email ThisBlogThis!Share to XShare to Facebook
और मुझे और लाल को खा जायेगा मियां
ReplyDeleteफिर सब कहेंगें
मुर्गी जान से गई,मियां को मजा नही आया.
मनु भाई मेरे ब्लॉग पर आईयेगा.
बिलकुल सही पहचाना .
ReplyDeleteये बा बा ब्लैक शिप का हिंदी अनुवाद नहीं, रिजेर्वेशनुवाद है
waah !..gajab ka vyang !
ReplyDeleteलाजबाब ...
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