ये भी ठीक ही है

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Monday, September 22, 2014

बोलो जय जय माता दी - भोजपुरी देवी गीत

 September 22, 2014     No comments   

भोजपुरी देवी गीत - बोलो जय जय माता दी

सिंगर - लुड्डू दीवाना

गीत - मनु श्रीवास्तव

डाउन लोड सॉन्ग फ्रॉम हेयर




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Friday, September 12, 2014

स्लीपिंग ब्यूटी का जन्म प्रमाण पत्र - Birth Certificate of Sleeping beauty

 September 12, 2014     manoranjan, manoranjan shriavstav, manu shrivastav, Sleeping Beauty, turkash, turkash.blogspot.in, स्लीपिंग ब्यूटी का जन्म प्रमाण पत्र     No comments   

स्लीपिंग ब्यूटी की कहानी तो लगभग सभी जानते हैं.

उसके जन्म के समय उसके पिता जी, जो एक राजा थे, ने एक रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया. जिसमें उन्होंने सभी को बुलाया सिवाय एक जादूगरनी के. जादूगरनी इस बात का बुरा मान गयी, और उसने काला बिल्ला कर दिया .... ओह्ह माफ़ करियेगा मेरा मतलब काला जादू कर दिया - ये लड़की जब अपना सोलहवाँ जन्म दिन मनायेगी उसी दिन उसके हाथो में एक समय चक्र की सुई चुभेगी और ये ‘डीप स्लीप’ में चली जायेगी. बोले तो कुम्भकर्णी निद्रा में और जगाने से भी नहीं जगेगी. राजा ने अपनी बेटी के जीवन के लिये जादूगरनी से उसके जीवन की भीख माँगी. जादूगरनी का दिल पसीजा उसने कहा – राजकुमारी को सच्चा प्यार करने वाला किस करे, हिंदी में बोले तो चुम्बन करे तो, इसकी नींद टूट जायेगी और ये ठीक हो जायेगी.

राजकुमारी के सोलहवें जन्मदिन पर ऐसा हुआ भी की वो Deep Sleep  में चली गयी. फिर प्रिंस फिलिपने उसे किस करा और वो नींद से जग उठी.

मगर जब सोलहवें जन्मदिन पर समय चक्र की सुई चुभने से राजकुमारी Deep Sleep में चली गयी थी, तो राजा ने जादूगरनी की घर पर चढ़ाई कर दिया और जादूगरनी के सामने जाकर ललकार कर बोला – ये राजकुमारी औरोरा का जन्म प्रमाण पत्र है और इसके अनुसार राजकुमारी अभी सोलह साल की नहीं हुई है. तुमने समय से पहले ही उसे Deep Sleep में भेज कर बहुत बड़ी गलती की हो, अब या तो उसे Deep Sleep  से जगाओ या फिर मरने के लिये तैयार हो जाओ.

राजा की बात सुन कर जादूगरनी अपना पेट पकड़ कर हँसने लगी. वो हंसते हुए लोटपोट करने लगी. वो जादूगरनी अपनी पूरी जिंदगी में इतना कभी नहीं हंसी थी, यहाँ तक की हँसते हुए उसकी जान तक निकल गयी होती, अगर वो जादूगरनी नहीं होती. उसने राजा को बताया की – स्लीपिंग ब्यूटी फ्रेंच फेयरी टेल्स है, इंडियन फेयरी टेल्स नहीं की जाली जन्म प्रमाण पत्र बना कर लाओगे और मुझे उल्लू बना दोगे.

राजा को वापस आना पड़ा. स्लीपिंग ब्यूटी कहानी का ये हिस्सा दो देशो के बीच के डिप्लोमेटिक रिलेशन को नुकसान पहुँचा सकता था, इसलिये इस घटना को मूल कहानी से हटा दिया गया था.  
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Monday, September 1, 2014

पाकिस्तान को OLX पर बेंच दो!

 September 01, 2014     aaj bahut se ladkiya jal rahi hain, ityadi-utyadi., manoranjan, manoranjan shriavstav, olx, pakistan, turkash, turkash.blogspot.in, पाकिस्तान को OLX पर बेंच दो     No comments   

बीबीसी हिंदी पर वुसतुल्लाह ख़ान के ब्लॉग में पाकिस्तान के ताजा हालत के बारे लिखा है. उसका एक अंश ये है की "पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के संसद के सामने चौक पर दो धरने साथ साथ चल रहे हैं. इमरान का मुक्ति धरना है, जो नया पाकिस्तान बनाना चाहता है जबकि दूसरा मौलाना ताहिर उल क़ादरी का क्रांति धरना है जो पुराने पाकिस्तान में ही इंकलाब लाना चाहता है. उधर, फेसबुक पर किसी ज़ालिम ने पूर्व राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की तस्वीर लगा दी है जिस पर लिखा है- अगर तुम लोग नया पाकिस्तान बना रहे हो तो फिर पुराना वाला मैं बेच दूं. "' 

मैं ये सोंच रहा था की अगर वाकई में ज़रदारी साहब पाकिस्तान को बेचने पर आमादा हो जाएँ तो बेचेंगे कहाँ पर? अपने हिन्दुस्तान में OLX की बहुत चर्चा है. कुछ भी पुराना बेचना होता है. लोग सटाक से फोटो लेकर फटाक से OLX पर डाल देते हैं और वो पुराना माल बिक भी जाता है. बिना गारंटी और वारंटी वाला भी बिक ही है. 

OLX पर पाकिस्तान का फोटो कर खिंच कर डालना होगा। साथ ही उसका डिस्क्रिप्शन भी देना होगा।  कब का मॉडल है? क्या क्या फीचर्स हैं? इत्यादि-उत्यादि।

मॉडल कब का है ये डालने में समस्या नहीं होगी उनको. असल समस्या होगी फीचर्स और फोटो की. 

14 अगस्त 1947 का मॉडल है ये सभी जानते हैं. 15 अगस्त 1947 को हिंदुस्तान आज़ाद हुआ था। वहाँ 14 अगस्त को आज़ादी इसलिए मनाई जाती है, ये दिखाने के लिए की हम हिंदुस्तान से एक दिन पहले आज़ाद हुए हैं, भले हीं पाकिस्तानी घड़ियाँ भारतीय समय से आधा घंटा पिछे चलती हैं। 

फीचर्स तो बहुत हैं। आतंकवाद, हिंसा, अशिक्षा, इत्यादि-उत्यादि। 

मॉडल सिंगल हैंड यूज्ड है या मल्टी हैंड। तो भइया ये मल्टी हैंड यूज्ड है. सरकार भी यूज़ की है, सेना भी की है, ISI भी यूज़ की है और आतंकवादी यूज़ करते ही रहते हैं. स्पेशल अपीयरेंस में चाइना और अमेरिका ने भी यूज़ किया है.  
नोट: कृपया यहाँ कोई हैंड यूज्ड का गलत मतलब ना निकालें। 

फोटो सिर्फ पाकिस्तान का ही डालना होगा। पाकिस्तान के साथ कश्मीर का भी फोटो लगा के डालने पर कवनो खरीदेगा भी नहीं। ये वही बात हो जाएगी, जैसे फेसबुक में लोग माधुरी दीक्षित या टॉम क्रूज का फोटो लगा कर खुद को वही समझ लेते हैं. फोटो भी करेंट वाला खिंच कर लगाना होगा। 1971 के पहले वाला फोटो ना लगा लेना।

वरना ग्राहक काम हो जायेंगे. वो बंगलादेशी ग्राहक जो गुपचुप तरीके से हिंदुस्तान में हिंदुस्तानी होने का सारा प्रमाण हासिल कर चुके हैं। वैसे गुपचुप तरीके से तो कुछ नहीं होता। किसी ने प्रमाण दिया होगा तभी उन्होंने हासिल किया होगा। 

तो साहब फोटो सिर्फ पाकिस्तान का ही लगाना। नहीं तो एडवरटाइजिंग वाले पोस्ट में लोग उतना स्पैम मारेंगे जितनी सीज फायर में आपके यहाँ से गोलियाँ चलती हैं.

बाह!! गोलियों के बदले स्पैम मारेंगे। आईडिया तो क्रिएटिव है, मगर प्रैक्टिकल नहीं है।  वैसे आपके यहाँ प्रैक्टिकल तो कुछ नहीं है. सब थेउरिटिकल है, मौखिक है.

तो देर ना करिये OLX पर एक ऐड बना कर पाकिस्तान को बेच ही डालिये। पुराना वाला पाकिस्तान। 

हमारे हिंदुस्तान में दूल्हा बिकता है। दुल्हन बिकती है। राख की पूड़ियाँ बाबा जी का भष्म समझ कर बिकती है. बाबा जी का ठुल्लु भी बिकता है टीवी पर। 
   
नेता, पुलिस, सरकारी कर्मचारी, सोंच, आदमी, जानवर, शिक्षा, उपचार, हवा (चिप्स के पैकटों में), पानी इत्यादि-उत्यादि। सब कुछ बिकता है इधर.
   
अजी अपने यहाँ तो चाइनीज माल भी बिक जाता है. आपका पाकिस्तान भी बिक ही जायेगा।   
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Wednesday, August 13, 2014

बाकी

 August 13, 2014     turkash, turkash.blogspot.in, तरकश. Manu Shrivastav, मनु श्रीवास्तव     No comments   

चाहे कितनी ही कविता क्यों ना लिख दू तेरे प्यार में,
कमबख्त कुछ बाकी रह ही जाता है.
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Friday, July 11, 2014

sdfg

 July 11, 2014     No comments   

Nacho Kanwariya
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 July 11, 2014     No comments   


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Friday, April 4, 2014

एक सवाल ये भी मूँह बाये खड़ा है.

 April 04, 2014     No comments   

अभी दो दिन पहले अखबार में पढ़ा था की मुशर्रफ़ को सजा हो सकती है. क्या सजा होगी? जिस तरफ से मुशर्रफ़ ने अपने शासनकाल में नवाज शरीफ को देश से बाहर जाने का मौका दिया था. नवाज शरीफ, जो अभी प्रधानमंत्री हैं, मुशर्रफ़ को देश से बाहर सुरक्षित निकल जाने में कोई मदद करेंगे? इस तरफ के ढेर सारे सवाल मुहँ बाये खड़े हैं.
सवाल मुहँ बायें खड़े हैं से ध्यान आया की ये सारे सवाल जिनके जबाब मिलने मुश्किल होते हैं, वो मूँह बाये हीं क्यों खड़े रहते हैं?
जब किसी ग्रुप में चार पाँच लोग किसी हॉट टॉपिक पर बात करते हैं, उसी ग्रुप में एक बंदा ऐसा भी होता है, जो इन सारी बातों को बड़े गौर से सुनता रहता है. जिसको लोग टोक देते हैं. अबे क्या मूंह बाये सुन रहा है?
अगर इसी शब्द, मुहं बाये, का पर्यायवाची शब्द लें तो होगा मूँह खोलना. लेकिन दोनों का ही मतलब बदल जाता है. मूँह बाये का मतलब है अवाक् हो जाना और मूंह खोलना का मतलब है कुछ मांगना. भाई ये तो बड़ा हीं कन्फयूजिंग है.
गावों में अक्सर लोगो से सुनने को मिला था, की मैंने ‘फलाने आदमी को फलानी बात बोली’ तो उसने ‘मूँह बा दिया’. अब यहाँ पर मूँह बा दिया का मतलब अवाक् रह गया या उसकी बोलती बंद हो गयी, दोनों ही हो सकता है.  
अब सवाल मूँह बाये खड़ा रहता है तो क्या सवाल अवाक हो गया रहता है या भौचक्का हो गया होता या उसकी बोलती बंद हो गयी रहती है, ये सवाल भी मूँह बाये खड़ा ही है.


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Wednesday, February 12, 2014

सेक्सोलॉजिस्ट (A)

 February 12, 2014     abhishek ranjan., facebook, google, manoranjan, manoranjan shriavstav, manu, manu shrivastav, sexologist, turkash, turkash.blogspot.in     No comments   

#BichchhuGunga की विज्ञापन एजेंसी थी. बिच्छु गुंगा एक काल्पनिक नाम है. सभी उनको गुंगा जी बोलते हैं और गुंगा जी बहुत बोलते हैं.
एक विज्ञापन के सिलसिले में बिच्छु गुंगा, एक सेक्सो-लॉ-जिस्ट के पास गये थे.

डॉक्टर साब एक मरीज के साथ व्यस्त थे. हाथ के इशारे से उन्होंने बगल वाली कुर्सी पर बैठने का इशारा किया और खुद मरीज को समझाने लगे. कुर्सी पर बैठ कर गुंगा जी, डॉक्टर और मरीज की बात सुनने के लिये मजबूर थे, मजबूरन सुनने लगे.
डॉक्टर साब, मरीज को बता रहे थे, दिक्कत की कोई बात नहीं है, बस आपके शुक्राणु कम बनते हैं. दवाई लीजिये सब ठीक हो जायेगा.
गुंगा जी का ध्यान अनायास हीं उस रिपोर्ट की तरफ चला गया, जिसमे बताया गया था, अगर आप कान में इयर फोन लगा कर तेज म्यूजिक सुनते हैं, तो आपके कान के बैक्टेरिया सात सौ गुणा तेजी से बढ़ते हैं.
गुंगा जी, मरीज की तरफ इशारा कर के डॉक्टर को एक मशविरा देने लगे – आप इनको अपने अंडकोष में इयर फोन लगा कर तेज म्यूजिक सुनने के लिये क्यों नहीं बोल देते हैं. शुक्राणु सात सौ गुणा तेजी से बढ़ने लगेंगे.
गुंगा जी की बात सुन कर मरीज तो तुरंत हीं बेहोश हो बैठा, डॉक्टर साब भी अपने होश गवाँते गवाँते बचे. किसी तरह हिम्मत जूटा कर उन्होंने पूछा – मेरे इयर फोन लगाने के मरीज के शुक्राणु कैसे बढ़ेंगे?
गुंगा जी को अब समझ आया था की उनकी बात सुन कर मरीज बेहोश क्यों हो गया था. उन्होंने अपनी बात सुधार कर दुबारा से कही की, इयर फोन मरीज को हीं लगानी है. डॉक्टर साब को अब असल बात समझ में आ गयी थी. उनकी रुकी हुई सांस फिर से चलने लगी थी. बेहोश हो चुके मरीज को भी होश में लाया गया. डॉक्टर ने कुछ दवाइयाँ लिखी, मरीज चला गया.
उसके जाने के बाद एक दूसरा मरीज आया. उसने सकुचाते शर्माते अपने लिंग की समस्या बतायी.
मरीज की समस्या सुन कर डॉक्टर साब गुंगा जी के तरफ देखने लगे. गुंगा जी आँखों के इशारे में बोल रहे थे, नहीं इसको इयरफोन लगा कर तेज म्यूजिक सुनने को मत बोलियेगा.

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कुत्ते, इंसानों के मोहल्ले में.

 February 12, 2014     blogger, facebook, garbage bin, google, kuda, kutta, manoranjan shriavstav, manu, manu shrivastav, turkash, turkash.blogspot.in     No comments   

सोसाइटी के सफाई वाले अकसर परेशान रहते हैं. आगे झाड़ू लगा रहे होते हैं. पीछे साफ किये जगह में कुत्ते लोटने लगते हैं. कुत्तों के लोटने से जगह फिर से कितनी गन्दी होती है, नहीं पता. लेकिन सफाई वालो को कुढ़न जरुर हो जाती है.

वैसे कुत्ते भी जहाँ बैठते हैं फूंक मार कर के बैठते हैं. फूंक मार कर के बैठने से तात्पर्य है की बैठने की जगह साफ़ कर के, बैठते हैं. और जब सफाई की हुई जगह मिल रही हो बैठने के बजाय, लोटने में हर्ज है. ऐसा शायद कुत्तों की सोंच होगी.

घर के दरवाजे पर रखे डोर मेट पर अक्सर एक पिल्ला आकर बैठ जाता है. ठण्ड का मौसम है. ठन्डे फर्श पर बैठने से बेहतर होगा, डोर मेट पर हीं सिकुड़ कर बैठ  जाया जाये. छोटे से डोर मेट पर वो पिल्ला अपने बदन को ठीक वैसे हीं सिकोड़ - मिकोड कर बैठता है, जैसे रेल के बहत्तर सीटों वाले जनरल डब्बे में, दो तीन सौ लोग समाये होते हैं.

बगल से गुजरने पर, भले उसकी आँख बंद रहे, उसकी पूंछ खुद ब खुद हिलने लगती है. मेरे हिसाब से पूछ हिलाने के दो कारण हो सकते हैं. एक, की सामने वाले को दया आ जाए और ठण्ड में उसे उस जगह से ना भगाये, जिस जगह को काफी देर से बैठ कर उसने गरम किया है. और दुसरे कारण के लिये पहला कारण हीं पढ़ ले.

सिटी की आवाज देने पर पैरों के पास आकर कूदने लगना उसकी आदत है. खैर एक बात मैंने नोटिस की है, कुत्ता चाहे की हीं क्यों ना भौंक रहा हो, आप अपने ओठ गोल कर के सिटी बजायेंगे तो वो भौंकना छोड़ कर अपनी पूंछ हिलाने लगेगा. मैंने ये निष्कर्ष निकाला है, सिटी की आवाज की तरंगधैर्य कुत्तों को मोहित कर लेती होंगी.

घर के दरवाजे पर कुत्ते को पालना एक प्रचलित मान्यता है. मगर अपार्टमेंट कल्चर में दरवाजे के बाहर देसी कुत्ते नहीं, दरवाजे के अन्दर विदेशी कुत्ते पाले जाते हैं.

वो पिल्ला दिए गये खाने के सामान को अपने मर्जी के हिसाब से खाता, छोड़ता या छिन्टता है. खाने के बाद अपनी मर्जी के हिसाब से किसी कोने में टट्टी भी करता है. अब ये कूड़ा उठाने वाले को कूड़ा उठाने के पहले देखना है, की गिला है या सुख चूका है.

खैर, गिला हो या सुखा, कुत्ते की टट्टी उठा कर फेंकने के नाम पर हंगामा मचना हीं है. कभी कभी मच भी जाता है. कूड़ेवाली कहती है, ये कुत्ता बहुत हरामी है, जहाँ तहाँ हग देता है. मतलब बाकी के कुत्तों का बाप कौन है, इसको सही सही पता है.

कूड़ेवाली कूड़ा ले जाने से मना ना कर दे, उससे बेहतर है उस पिल्लै को यहाँ से भगा दिया जाये. कभी किसी दरवाजे से , कभी किसी दरवाजे से लोग उसपर पानी फेंकते रहे. वो भींगता, कांपता, धुप में जाकर सूखता रहा.

अब वो कहीं नजर नहीं आ रहा है.

कुत्तों को रहने को जगह नहीं मिलती, इंसानों के मोहल्ले में.

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Friday, January 3, 2014

बस, बदल जाता हैं कैलेंडर हर साल

 January 03, 2014     happy new year 2014, manu shrivastav, turkash.blogspot.in, बदल जाता हैं कैलेंडर हर साल, बस     No comments   

ना दिन बदलते हैं,
ना महीने बदलते हैं,
ना बदलता है काल,
बस, बदल जाता हैं कैलेंडर हर साल |

ना फितरत बदलती है,
ना हसरत बदलती है,
ना बदलता है ख्याल,
बस, बदल जाता हैं कैलेंडर हर साल |

ना इन्सान बदलता है,
ना भगवान बदलता है,
ना बदलता है मायाजाल,
बस, बदल जाता हैं कैलेंडर हर साल |

ना टिप्पणीयाँ बदलती हैं,
ना उत्तर बदलते हैं,
ना बदलता है सवाल,
बस, बदल जाता हैं कैलेंडर हर साल |

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