सब केहू ब्लैक कॉफ़ी पियेला हम पियेनी ब्लैक चाय !
लोग पूछी काहे, हम कहेब "का करी तेंढ चले के आदत बा बचपने से. हँ भाई सांचो नु, बाबूजी कही स्कुल से सीधे घरे अईहे.त हम स्कूल से सीधे पूल पे जाई देखे खातिर की लोग मछरी केंगन मारेला "
गायत्री पूजा के बाद पंडी जी कहले की बाबु गायत्री माता से मांगअ की हमार सारा खीस पित ले लीं , हम कहनी हमारा के औरी खीस पित दे दीं. उनकर का? दे दिहली !
गाँव के आटा चक्की के दोकान पे के के आटा पिसवईले ओकर लमहर लिस्ट जेंगन मशीन पे दुकानदार के पास होला, ओहिंगन हमारो तेंढ चाल के लमहर लिस्ट बात.
त कहत रहनी ह की सब केहू ब्लैक कॉफ़ी पियेला हम पियेनी ब्लैक चाय. चाय बना के जैसे ही पहिला घूंट मरनी हँ पियाज के टेस्ट आइल ह, हम त घबडा गइनी की चायवा में पियाज के फोरन कब डाल देहनी ह हम.
जाके चेक कईनि त पता चलल की जेमे चाय बनावेनी ओहिमे सबेरे पियाज कटले रहनी ह .
हम त पियाज वाला चाय पि लेहनी, रउआ लोग कब टीराई करेम ?
0 comments:
Post a Comment