ये भी ठीक ही है

  • Home
  • Business
    • Internet
    • Market
    • Stock
  • Parent Category
    • Child Category 1
      • Sub Child Category 1
      • Sub Child Category 2
      • Sub Child Category 3
    • Child Category 2
    • Child Category 3
    • Child Category 4
  • Featured
  • Health
    • Childcare
    • Doctors
  • Home
  • Business
    • Internet
    • Market
    • Stock
  • Downloads
    • Dvd
    • Games
    • Software
      • Office
  • Parent Category
    • Child Category 1
      • Sub Child Category 1
      • Sub Child Category 2
      • Sub Child Category 3
    • Child Category 2
    • Child Category 3
    • Child Category 4
  • Featured
  • Health
    • Childcare
    • Doctors
  • Uncategorized

Sunday, April 10, 2011

पियाज वाला चाय

 April 10, 2011     bhojpuri, chai, manoranjan shriavstav, manu, manu mania, manu shrivastav, manu srijan, piyaz wala chai, pyaaz     No comments   




सब केहू ब्लैक कॉफ़ी पियेला हम पियेनी ब्लैक चाय ! 
लोग पूछी काहे, हम कहेब "का करी तेंढ चले के आदत बा बचपने से. हँ भाई सांचो नु, बाबूजी कही स्कुल से सीधे घरे अईहे.त हम स्कूल से सीधे पूल पे जाई देखे खातिर की लोग मछरी केंगन मारेला  "
गायत्री पूजा के बाद पंडी जी कहले की बाबु गायत्री माता से मांगअ की हमार सारा खीस पित ले लीं , हम कहनी हमारा के औरी खीस पित दे दीं. उनकर का? दे दिहली ! 
गाँव के आटा चक्की के दोकान पे के के आटा पिसवईले ओकर लमहर लिस्ट जेंगन मशीन पे दुकानदार के पास होला, ओहिंगन हमारो तेंढ चाल के लमहर लिस्ट बात.  

त कहत रहनी ह की सब केहू ब्लैक कॉफ़ी पियेला हम पियेनी ब्लैक चाय. चाय बना के जैसे ही पहिला घूंट मरनी हँ पियाज के टेस्ट आइल ह, हम त घबडा गइनी की चायवा में पियाज के फोरन कब डाल देहनी ह हम. 
जाके चेक कईनि त पता चलल की जेमे चाय बनावेनी ओहिमे सबेरे पियाज कटले रहनी ह .

हम त पियाज वाला चाय पि लेहनी, रउआ लोग कब टीराई करेम ?
  
  • Share This:  
  •  Facebook
  •  Twitter
  •  Google+
  •  Stumble
  •  Digg
Email ThisBlogThis!Share to XShare to Facebook
Newer Post Older Post Home

0 comments:

Post a Comment

Please Be the part of my life...

Blog Archive

  • ►  2021 (1)
    • ►  July (1)
  • ►  2019 (1)
    • ►  March (1)
  • ►  2018 (5)
    • ►  September (1)
    • ►  July (1)
    • ►  June (3)
  • ►  2017 (1)
    • ►  April (1)
  • ►  2016 (7)
    • ►  April (4)
    • ►  January (3)
  • ►  2015 (2)
    • ►  May (2)
  • ►  2014 (10)
    • ►  September (3)
    • ►  August (1)
    • ►  July (2)
    • ►  April (1)
    • ►  February (2)
    • ►  January (1)
  • ►  2013 (12)
    • ►  August (1)
    • ►  July (4)
    • ►  April (4)
    • ►  February (1)
    • ►  January (2)
  • ►  2012 (57)
    • ►  December (3)
    • ►  November (4)
    • ►  October (3)
    • ►  September (3)
    • ►  August (7)
    • ►  July (11)
    • ►  June (6)
    • ►  May (8)
    • ►  April (4)
    • ►  March (1)
    • ►  February (6)
    • ►  January (1)
  • ▼  2011 (85)
    • ►  December (2)
    • ►  November (9)
    • ►  October (1)
    • ►  September (3)
    • ►  August (6)
    • ►  July (13)
    • ►  June (12)
    • ►  May (16)
    • ▼  April (14)
      • थावे भवानी के दरबार !
      • I feel Alone.
      • बेचैनी !!!
      • सम्मान माँगा नहीं दिया जाता है. चाहे सचिन के लिए भ...
      • "बचाओ !! बचाओ !! बचाओ !!"
      • पांडव ने मारा था रावण को |
      • ख़ुशी
      • पर रोज़ यहाँ मैं मरता हूँ !
      • ये सिसकन ही जिंदगानी है,
      • पियाज वाला चाय
      • अँधेरा जैसा छा जाता है !
      • दांतों में दर्द |
      • desserts !
      • मक्खियाँ
    • ►  March (5)
    • ►  February (1)
    • ►  January (3)
  • ►  2010 (33)
    • ►  December (16)
    • ►  November (3)
    • ►  October (6)
    • ►  September (8)

Popular Posts

  • जय माँ भवानी, थावे वाली
    स्कूल में पढ़ते समय शुक्रवार को ढेड घंटे का लंच टाइम हुआ करता था. हमारे कुछ शिक्षक और कुछ छात्र जुम्मे की नमाज अदा करने जाते थे. मेरा स्कूल ...
  • जहाँ अभी है मंदिर मस्जिद वहाँ बनेगी मधुशाला ||53||
    बजी न मंदिर में घडियाली, चढ़ी न प्रतिमा पर माला, बैठा अपने भवन मुअज्जिन देकर मस्जिद में टला, लूटे खजाने नरपतियों के, गिरीं गढ़ों की दीवारें, ...
  • मम्मी पापा मेरे सबसे अच्छे !!!
    मम्मी  मेरी  बड़ी  है  प्यारी सारी  दुनिया  से  वो  न्यारी . प्यार से कहती मुझे गुडिया रानी, कभी  जो  करती  मैं  शैतानी , मम्मी  कहती  मुझे ...
  • कुत्ते, इंसानों के मोहल्ले में.
    सोसाइटी के सफाई वाले अकसर परेशान रहते हैं. आगे झाड़ू लगा रहे होते हैं. पीछे साफ किये जगह में कुत्ते लोटने लगते हैं. कुत्तों के लोटने से जगह फ...
  • मुन्नी कि बदनामी अभी कम नहीं हुई कि आ गयी शीला कि जवानी !!!
    मुन्नी कि बदनामी अभी कम नहीं हुई कि आ गयी शीला कि जवानी !!! पर, मुन्नी और शीला में कई फर्क हैं. मुन्नी कि गाँव कि गोरी है तो , शीला शहरी छोर...
  • अर्थला – पढ़ना एक व्यसन है (Arthla – Vivek Kumar)
    “पढ़ना एक व्यसन है.” उपरोक्त Quote मैंने इसी किताब से लिया है. अगर आपको पढ़ने का व्यसन है, या सरल भाषा में कहें की पढ़ने का नशा है, तो ये क...
  • अगर भारत में रहना है तो समोसा खाना पड़ेगा
    पिज्जों की बढ़ती माँग के कारण समोसों की माँग में भारी गिरावट देखने को मिली है. जिससे समोसा बेंचने वालों के रोजगार पर भारी असर पड़ा है. समोसों ...
  • मैं पाप बेचती हूँ.
    एक बार घूमते-घूमते कालिदास बाजार गये वहाँ एक महिला बैठी मिली उसके पास एक मटका था और कुछ प्यालियाँ पड़ी थी।  कालिदास जी ने उस महिला से पूछा :...
  • मास्टर जी ! फांसी का फंदा एक बिलान छोटी कर दो

Copyright © ये भी ठीक ही है | Powered by Blogger
Design by Hardeep Asrani | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com