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Tuesday, August 9, 2011

आरक्षण

 August 09, 2011     aalekh, manu shrivastav, manu srijan, manushrivastav, reservation     5 comments   

आरक्षण का इजाद तब हुआ था जब देश आज़ाद हुआ था, देश की पिछड़ी जातियों को आगे लाने के लिए उनको आरक्षण दिया गया था. ताकि वे भी आगे आगे आके देश के विकास में सहायक हों. दिन , महीने, साल, और दसक बीत गए पिछड़ी जातियां आज भी पिछड़ी हैं , पर पिछड़ी जातियों पे राजनीती करने वाले कहा के कहा पहुँच गए. सबसे ज्वलंत उदाहरण मायावती है. मायावती इतने आगे आयीं की अपना खुद का मंदिर ही बनवाने पे अमादा हो गयीं.  कालांतर में आरक्षण, वोट बैंक का एक हथियार बन गया, जिसे कोई भी राजनितिक दल नहीं खोना चाहता है.

पर इस आरक्षण के आग में कई अन्य लोग भी झुलस रहे हैं. मसलन कोई सामान्य विद्यार्थी  अस्सी मार्क्स लाके भी नौकरी का हक़दार नहीं है, और कोई साठ मार्क्स लाके भी नौकरी का अधिकारी है.  आरक्षण जाती के नहीं , किसी को भी उसकी माली हैसियत के आधार पे देना चाहिए. जातिगत आधार पे लोगो को लाभ देने का ही दुसपरिणाम है की कई लोग फर्जी जाती प्रमाण पत्र बना के अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं. 

आरक्षण तो होना ही नहीं चाहिए !

कहावत है की, सन १९२३ में जब तुर्की आज़ाद हुआ था तो उसके प्रथम रास्त्रपति,मुस्तफा कमल पासा, ने अपने मंत्रियो से पूछा था की पिछड़ी जातियों को सामान्य जाती के बराबर लाने में कितना वक़्त लगेगा. मंत्रियो ने जबाब दिया - "कम से कम दस साल ". इसपे मुस्तफा कमल पासा ने कहा - "समझ लो वो दस साल आज खत्म हो गया." 

और ये घटना भारत के आज़ाद होने के २४ साल पहले की है.
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5 comments:

  1. anuAugust 10, 2011 at 1:59 AM

    १९९० का आरक्षण आन्दोलन ...का चित्र आँखों के आगे जीवंत हो गया ....सच उजागर करती लेखनी

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      Reply
  2. वन्दनाAugust 10, 2011 at 2:03 AM

    विचारणीय आलेख्।

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    Replies
      Reply
  3. रेखाAugust 12, 2011 at 2:48 AM

    महत्वपूर्ण जानकारियों के साथ ही सार्थक पोस्ट ...

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      Reply
  4. Rakesh KumarAugust 12, 2011 at 12:03 PM

    लगता है आपको अनु जी,वंदना जी और रेखा जी का साथ मिल रहा है.फिर तो आपकी यह बात स्वयं साबित हो जाती है कि

    गरीबी की 'रेखा' से नीचे वालों से हमे 'अनु'राग रखते हुए,केवल उन्हीं के आरक्षण की 'वंदना' करनी चाहिये.

    सुन्दर सार्थक लेख के लिए बधाई.

    रक्षाबन्धन के पावन पर्व की आपको हार्दिक शुभ कामनाएँ.

    ReplyDelete
    Replies
      Reply
  5. manu shrivastavAugust 12, 2011 at 11:32 PM

    rakesh ji , aapne dil ko chhu lene wala vichar diya hai. anu ji, bandana ji aur rekha ji ko tahe dil se shukriya

    aap sabko raksha bandhan ki shubhkamana !!

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