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Monday, October 22, 2012

ए मुर्गी ए मुर्गी ! - repost

 October 22, 2012     hasya, India, manu shrivastav, reservation, turkash, turkash.blogspot.in, vyang, कविता, व्यंग, हास्य     No comments   

ए मुर्गी ए मुर्गी !
क्या तेरे पास है अंडा?
जी जजमान! जी जजमान! 
मेरे पास है तीन अंडा
एक अंडा एससी / एसटी के लिए 
दूसरा ओबीसी के लिए
तीसरे से होगा मेरा लाल पैदा
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