कोंग्रेस का चिंतन शिविर जयपुर में चल रहा है। सभी चिंतित हैं। किसी को दो हजार चौदह के चुनाव की चिंता है तो किसी को राहुल गाँधी के अगले प्रधान मंत्री के तौर पर देखने की। कोई माध्यम वर्ग के उपजे गुस्स्से से चिंतित है। कोई भ्रष्टाचार की ग्रोथ रेट से। महिलाओं की सुरक्षा से भी चिंतित हैं , तो कोई देश की सरहद पे विदेशियों के अत्याचार से (कह नहीं सकते ये चिंता किसी ने की थी या नहीं ).
मैं तो कहूँगा की चिंता कर के आप अपनी चतुराई को मत घटाइए . आपने सुना नहीं क्या। चिंता से चतुराई घटे दुःख से घटे शरीर .... या भी ये नहीं सुना क्या चिंता से आयु घटती है।
अरे घटाना है तो महंगाई घटाइए। रेप की घटनाओ को घटाइए। प्तेरोल का दाम घटाइए। गैस का दाम घटाइए। आप अपनी चतुराई और आयु घटाने पर खामखाह तुले हुए हैं।
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