कांच के ग्लास से दिखती लाल या कत्थई तरल पदार्थ,
आँखों को बहुत हीं सुकून पहुंचती है।
ग्लास से निकलती भाप को,
नाको के पास ले जाकर,
उसकी खुशबु को सूंघना।
बहुत हीं समानता है, उसकी खुश्बू और
चायपत्ती के चबाने के स्वाद में।
फिर सुर्र्र्र्र्र से चुस्की, उसकी।
और तृप्ति भरी 'आssssह' का अहसास,
कुछ हीं लोगो को महसूस होगा।
निम्बू के रस से उसके स्वाद में इजाफा होता है,
और बिना निम्बू के उसका स्वाद कितना आनंददायक होता है।
कभी 'रेड टी' बना के पिना और बताना।
ग्लास में रखा हर लाल तरल पैग नहीं होता।
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