जब भी भारत बंद होता है. एक तरफ जहाँ देश सहम, ठहर सा जाता है तो दूसरी तरफ बंद कराने वाले लोग पुरे देश में उत्पात मचा देते हैं. जन-धन की हानी भी होती है. – काला बिल्ला इन्ही ख्यालों में खोया हुआ था की उसका फ़ोन बज उठा. उसके दोस्त ने फोन किया था की अबे घर में बैठा क्या कर रहा है?
बिल्ला ने कहा, भाई आज तो भारत बंद है. और मैं तब से घर में बैठे बैठे बोर हो गया हूँ. चल कोई मूवी देख आते हैं. बागी 2 लगी है. बहुत मस्त मूवी है. देख कर मज़ा आ जायेगा. एल्फिसटन हॉल में चलेंगे. मेरे घर के बगल में ही तो है. चुपके से हॉल में घुस जायेंगे, किसी को पता भी नहीं चलेगा. और चले आयेंगे.
बिल्ला की बात सुन कर उसका दोस्त राजी हो तो गया, लेकिन जब बिल्ला हॉल के पास पहुंचा देखा की उसका दोस्त वहां खड़ा है और साथ में आठ दस लड़के भी खड़े थे. बिल्ला ने सोंचा लग रहा है की ये सारे लड़के घर में पड़े पड़े बोर हो गये होंगे इसलिए मूवी देखने चले आये होंगे.
लेकिन जब वो उनके पास पहुंचा तो देखा की सभी के हाथो में डंडे हैं, बिल्ला ने अपने दोस्त की तरफ देखा, दोस्त के हाथ में भी डंडा था और ये डंडा बाकी के डंडो से कुछ ज्यादा ही मोटा था.
ऐसा नजारा देख कर काला बिल्ला की जान सुख गयी, होश उड़ गये और दिन में तारे नजर आने लगे.
बिल्ला के आँखों में आँसू आ गये की, उसका दोस्त उसे फिल्म दिखाने के बहाने बुला कर उसकी सुताई करेगा. फिर उसने सोंचा जब ओंखल में सर दे ही दिया है तो मुसल से क्या डरना, या फिर जब सांड को लाल कपडा दिखा ही दिया है तो फिर सांड की मार से क्या डरना. अब जो होगा देखा जाएगा. यह सोंच का उसके आँखों के आंसू उसके आँखों में ही सुख गये.
बिल्ला ने सूखे आंसू वाले आँखों से अपने दोस्त की तरफ देखा, उसने देखा की उसके दोस्त के आँखों में भी आंसू है और उसके चेहरे पर मार-पिटाई के निशान भी है. बिल्ला को समझते देर नहीं लगी की, उसका दोस्त उसी के कहने पर फिल्म देखने आया था, और यहाँ पर पहले से मौजूद लडको ने पहले उसकी जम कर कुटाई की होगी और जब उसने अपने बचाव में कहा होगा की वो मेरे बुलाने पर ही फिल्म देखने आया है तो इन्ही लोगो ने उसके हाथो में मोटा डंडा थमा दिया होगा, ताकि जब मैं यहाँ पहुंचू तो मेरी भी जम कर कुटाई हो सके.
यह सोंच कर बिल्ला और सहम गया, उसका दोस्त उससे भी बड़ा कमीना है. ये बात बिल्ला अच्छी तरह से जानता था. वो अपनी पिटाई का बदला जरुर लेगा.
बिल्ला अभी इन्ही सब ख्यालों में खोया हुआ था की उसके दोस्त ने तड़ाक से उसके पिछवाड़े पर लट्ठ बरसा दी. काला बिल्ला ‘कायं’ से चिल्ला कर अपना पिछवाडा सहलाने लगा. उसने महसूस किया की जहाँ पर लट्ठ से मार पड़ी है, वहां पर काला निशान जरुर पड़ गया होगा. मगर अफ़सोस की बात ये की बिल्ला अपने नजर घुमा कर चेक भी नहीं कर सकता था की निशान काला पड़ा है या नीला पड़ा है. उसने मन ही मन सोंचा, अब ये ऊपर वाले की मर्जी पर है, चाहे काला पड़ा दे- चाहे नीला पड़ा दे.
उसके दोस्त ने पहला डंडा मार कर थोड़े देर के लिए खड़ा हो गया था, अब वो दे दनादन दे दनादन मारे जा रहा था. मानो बिल्ला के दोस्त ने सोंच लिया था, जितनी जोर जोर से वो कुटाया है, उतनी जोर से वो बिल्ले को कुटेगा.
मन भर कूट लेने के बाद बिल्ले का दोस्त सुस्ताने लगा.
मार खा खा कर बिल्ले को भी बागी 2 मूवी के ट्रेलर का एक सिन याद आ गया. जिसमें हीरो, मार खाने के बाद बोलता है – ये जो तेरा टॉर्चर है, वो मेरा वार्म अप है… बिल्ले ने भी अपने दोस्त के आँखों में आँखे डाल कर बोल दिया – ये जो तेरा टॉर्चर है, वो मेरा वार्म अप है..
बस फिर क्या था, वहाँ खड़े बाकी के लड़के भी आ गये और बिल्ले को कूटने लगे. इतनी मार खा कर बिल्ले के होश ठिकाने आ गये और वो वापस अपने घर चला आया..
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