ये भी ठीक ही है

  • Home
  • Business
    • Internet
    • Market
    • Stock
  • Parent Category
    • Child Category 1
      • Sub Child Category 1
      • Sub Child Category 2
      • Sub Child Category 3
    • Child Category 2
    • Child Category 3
    • Child Category 4
  • Featured
  • Health
    • Childcare
    • Doctors
  • Home
  • Business
    • Internet
    • Market
    • Stock
  • Downloads
    • Dvd
    • Games
    • Software
      • Office
  • Parent Category
    • Child Category 1
      • Sub Child Category 1
      • Sub Child Category 2
      • Sub Child Category 3
    • Child Category 2
    • Child Category 3
    • Child Category 4
  • Featured
  • Health
    • Childcare
    • Doctors
  • Uncategorized

Friday, June 8, 2018

संजू बना सिंघम, तो पब्लिक ने मार कर कचूमर निकाल दिया

 June 08, 2018     No comments   

संजू को अजय देवगन की सिंघम बहुत पसंद थी. उसने इस फिल्म को पुरे 34 बार देखा था.
इत्तेफाक से संजू को पुलिस की नौकरी मिल गयी तो उसने सोचा की अब गली के गुंडों की खैर नहीं.
एक दिन वो ड्यूटी पर था तबी उसे वायरलेस पर सुचना मिली की कहीं पर कुछ लोग गुंडा गर्दी कर रहे हैं. उसने अपनी जिप घुमाई और गुंडों के पीछे चल पड़ा.
एक जगह पर उसे कुछ लोग खड़े दिखाई दिए, तो संजू उनलोगों के पास पहुँच कर अपनी पिस्तौल उनपर तान दी. बोला. कोई अपने जगह से नहीं हिलेगा.
भीड़ में से कुछ लोगो ने कुछ बोलना चाह तो संजू ने उन्हें अपने पिस्तौल का डर दिखा कर चुप करा दिया.
तभी कुछ लोग भाग कर वहां से गुजरने वाली एक बस में चढ़ गये और कुछ लोग वहीँ पर रह गये.
जो लोग बस ने नहीं चढ़ पाए, उन्होंने संजू को बहुत मारा और माँ बहन की गाली भी दी की साले भोपड़ी के तेरे कारण हमारी बस छुट गयी.
अब  संजू  को समझ में आई की, वो गुंडों को नहीं बल्कि बस स्टैंड पर खड़े लोगो के ऊपर अपनी पिस्तौल ताने हुआ था.
मगर अब कोई फायदा नहीं था, उसकी कुटाई तो हो चुकी थी
 —————————————–
Originally Inspired by : First Patrol Shift
  • Share This:  
  •  Facebook
  •  Twitter
  •  Google+
  •  Stumble
  •  Digg
Email ThisBlogThis!Share to XShare to Facebook
Newer Post Older Post Home

0 comments:

Post a Comment

Please Be the part of my life...

Blog Archive

  • ►  2021 (1)
    • ►  July (1)
  • ►  2019 (1)
    • ►  March (1)
  • ▼  2018 (5)
    • ►  September (1)
    • ►  July (1)
    • ▼  June (3)
      • भारत बंद में हो गयी कुटाई
      • संजू बना सिंघम, तो पब्लिक ने मार कर कचूमर निकाल दिया
      • अर्थला – पढ़ना एक व्यसन है (Arthla – Vivek Kumar)
  • ►  2017 (1)
    • ►  April (1)
  • ►  2016 (7)
    • ►  April (4)
    • ►  January (3)
  • ►  2015 (2)
    • ►  May (2)
  • ►  2014 (10)
    • ►  September (3)
    • ►  August (1)
    • ►  July (2)
    • ►  April (1)
    • ►  February (2)
    • ►  January (1)
  • ►  2013 (12)
    • ►  August (1)
    • ►  July (4)
    • ►  April (4)
    • ►  February (1)
    • ►  January (2)
  • ►  2012 (57)
    • ►  December (3)
    • ►  November (4)
    • ►  October (3)
    • ►  September (3)
    • ►  August (7)
    • ►  July (11)
    • ►  June (6)
    • ►  May (8)
    • ►  April (4)
    • ►  March (1)
    • ►  February (6)
    • ►  January (1)
  • ►  2011 (85)
    • ►  December (2)
    • ►  November (9)
    • ►  October (1)
    • ►  September (3)
    • ►  August (6)
    • ►  July (13)
    • ►  June (12)
    • ►  May (16)
    • ►  April (14)
    • ►  March (5)
    • ►  February (1)
    • ►  January (3)
  • ►  2010 (33)
    • ►  December (16)
    • ►  November (3)
    • ►  October (6)
    • ►  September (8)

Popular Posts

  • जय माँ भवानी, थावे वाली
    स्कूल में पढ़ते समय शुक्रवार को ढेड घंटे का लंच टाइम हुआ करता था. हमारे कुछ शिक्षक और कुछ छात्र जुम्मे की नमाज अदा करने जाते थे. मेरा स्कूल ...
  • जहाँ अभी है मंदिर मस्जिद वहाँ बनेगी मधुशाला ||53||
    बजी न मंदिर में घडियाली, चढ़ी न प्रतिमा पर माला, बैठा अपने भवन मुअज्जिन देकर मस्जिद में टला, लूटे खजाने नरपतियों के, गिरीं गढ़ों की दीवारें, ...
  • मम्मी पापा मेरे सबसे अच्छे !!!
    मम्मी  मेरी  बड़ी  है  प्यारी सारी  दुनिया  से  वो  न्यारी . प्यार से कहती मुझे गुडिया रानी, कभी  जो  करती  मैं  शैतानी , मम्मी  कहती  मुझे ...
  • कुत्ते, इंसानों के मोहल्ले में.
    सोसाइटी के सफाई वाले अकसर परेशान रहते हैं. आगे झाड़ू लगा रहे होते हैं. पीछे साफ किये जगह में कुत्ते लोटने लगते हैं. कुत्तों के लोटने से जगह फ...
  • मुन्नी कि बदनामी अभी कम नहीं हुई कि आ गयी शीला कि जवानी !!!
    मुन्नी कि बदनामी अभी कम नहीं हुई कि आ गयी शीला कि जवानी !!! पर, मुन्नी और शीला में कई फर्क हैं. मुन्नी कि गाँव कि गोरी है तो , शीला शहरी छोर...
  • अर्थला – पढ़ना एक व्यसन है (Arthla – Vivek Kumar)
    “पढ़ना एक व्यसन है.” उपरोक्त Quote मैंने इसी किताब से लिया है. अगर आपको पढ़ने का व्यसन है, या सरल भाषा में कहें की पढ़ने का नशा है, तो ये क...
  • अगर भारत में रहना है तो समोसा खाना पड़ेगा
    पिज्जों की बढ़ती माँग के कारण समोसों की माँग में भारी गिरावट देखने को मिली है. जिससे समोसा बेंचने वालों के रोजगार पर भारी असर पड़ा है. समोसों ...
  • मैं पाप बेचती हूँ.
    एक बार घूमते-घूमते कालिदास बाजार गये वहाँ एक महिला बैठी मिली उसके पास एक मटका था और कुछ प्यालियाँ पड़ी थी।  कालिदास जी ने उस महिला से पूछा :...
  • मास्टर जी ! फांसी का फंदा एक बिलान छोटी कर दो

Copyright © ये भी ठीक ही है | Powered by Blogger
Design by Hardeep Asrani | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com