संजू को अजय देवगन की सिंघम बहुत पसंद थी. उसने इस फिल्म को पुरे 34 बार देखा था.
इत्तेफाक से संजू को पुलिस की नौकरी मिल गयी तो उसने सोचा की अब गली के गुंडों की खैर नहीं.
एक दिन वो ड्यूटी पर था तबी उसे वायरलेस पर सुचना मिली की कहीं पर कुछ लोग गुंडा गर्दी कर रहे हैं. उसने अपनी जिप घुमाई और गुंडों के पीछे चल पड़ा.
एक जगह पर उसे कुछ लोग खड़े दिखाई दिए, तो संजू उनलोगों के पास पहुँच कर अपनी पिस्तौल उनपर तान दी. बोला. कोई अपने जगह से नहीं हिलेगा.
भीड़ में से कुछ लोगो ने कुछ बोलना चाह तो संजू ने उन्हें अपने पिस्तौल का डर दिखा कर चुप करा दिया.
तभी कुछ लोग भाग कर वहां से गुजरने वाली एक बस में चढ़ गये और कुछ लोग वहीँ पर रह गये.
जो लोग बस ने नहीं चढ़ पाए, उन्होंने संजू को बहुत मारा और माँ बहन की गाली भी दी की साले भोपड़ी के तेरे कारण हमारी बस छुट गयी.
अब संजू को समझ में आई की, वो गुंडों को नहीं बल्कि बस स्टैंड पर खड़े लोगो के ऊपर अपनी पिस्तौल ताने हुआ था.
मगर अब कोई फायदा नहीं था, उसकी कुटाई तो हो चुकी थी
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