Saturday, June 18, 2011
Tuesday, June 14, 2011
क्या मानवता भी क्षेत्रवादी होती है ?
June 14, 2011
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बाबा का अनशन टुटा !
June 14, 2011
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Sunday, June 12, 2011
भूखी जनता की चीत्कार
June 12, 2011
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Thursday, June 9, 2011
एम एफ हुसैन नहीं रहे !
June 09, 2011
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परन्तु, इस बात से भी कोई इंकार नहीं कर सकता है. उनकी मौत से कला जगत को बहुत ही क्षति हुई है
Wednesday, June 8, 2011
मिस इंडिया लागअ तारु ए गोरी !
June 08, 2011
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अब ढोंगी बाबा हो गए !!!
June 08, 2011
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Tuesday, June 7, 2011
...एहिसे भैंस कहाली.
June 07, 2011
ahise bhais kahali, bhojpuri, geet, manu shrivastav, manu srijan, हास्य
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ये कैसा सत्याग्रह था ?
June 07, 2011
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बाबा के असली मनसा के बारे में जानने के लिए पढ़े .डॉक्टर दुष्यंत जी का लेख
Monday, June 6, 2011
Sunday, June 5, 2011
राम (देव) लीला !!!
June 05, 2011
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अब सरकार कुछ मुद्दों के लिए समय मांग रही थी तो देना चाहिए था. हर सरकार की अपनी मजबूरियां होती हैं.सरकार की हालत तो आप खुद ही देख रहे हैं. अभी लोकपाल वाली घंटी ठीक से बंधी नहीं थी की एक और घंटी गले में बंधने के लिए तैयार देख के तिलमिलाना स्वाभाविक है. उपर से बाबा ने पुरे ताम झाम और लाव लश्कर के साथ सत्याग्रह शुरू किया था. जले पे नमक. बाबा के आन्दोलन को मिलती लोकप्रियता और समर्थन देख के सरकार के सरे कश बल ढीले हो गए. हकबकाई सरकार ने कदम उठा लिया , एक गलत कदम.
इस तरह से उसने अपना ही पैर कुल्हाड़ी पे दे मारा. पर क्या लगता है? की सरकार में बैठे लोग इतने नासमझ हैं? इसमें जरुर कोई दूसरा पेंच है.
भाइयों ! इतने स्ट्रेस और टेंशन के बाद आइये , थोडा खुश हो लिया जाये. विपक्षी दलों के साथ.
बाबा रामदेब द्वारा जलाई गयी इस आन्दोलन के आंच में अगर कोई रोटियां सेंक रही है , तो वो है विपक्षी दल. भ्रस्थाचार और आंतरिक कलह से आकंठ डूबी विपक्ष, सरकार को इस मुद्दे पे इतनी ख़ुशी ख़ुशी घेरने में लगी है. मानो अंधे के हाथ बटेर लग गयी है.
सबसे सही स्तिथि तो हमारी है. हम आम लोगो की. हमारी स्तिथि में कोई फर्क नहीं पड़ा है. आन्दोलन के पहले जो स्तिथि थी , वही अब भी है. बस संतोष इतना ही की कोई तो है, जो हमारे लिए बोल रहा है.
खैर, आरोप- प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, आगे आगे देखिये होता है क्या !!