ये भी ठीक ही है

  • Home
  • Business
    • Internet
    • Market
    • Stock
  • Parent Category
    • Child Category 1
      • Sub Child Category 1
      • Sub Child Category 2
      • Sub Child Category 3
    • Child Category 2
    • Child Category 3
    • Child Category 4
  • Featured
  • Health
    • Childcare
    • Doctors
  • Home
  • Business
    • Internet
    • Market
    • Stock
  • Downloads
    • Dvd
    • Games
    • Software
      • Office
  • Parent Category
    • Child Category 1
      • Sub Child Category 1
      • Sub Child Category 2
      • Sub Child Category 3
    • Child Category 2
    • Child Category 3
    • Child Category 4
  • Featured
  • Health
    • Childcare
    • Doctors
  • Uncategorized

Sunday, June 3, 2012

आज भारत बंद है

 June 03, 2012     aaj bharat band hai., manu shrivastav, turkash, turkash.blogspot.in     5 comments   

भईया जी सुबह सो कर उठे, बहार का दरवाजा खोला तो पता लगा की आज भारत बंद है. दूध वाले ने दूध नहीं दिया था, सोंचे की खुद चल के ले लूं, पास में ही तो हैं.

खटाल पहुंचे तो दूध वाला बोला - "दूध नहीं है." भईया जी पूछे - क्यों? क्या हुआ? जबाब आया - आज भारत बंद है?

सुन के आश्चर्य हुआ, की केंद्र के पटरी इतना असंतोष की भारत बंद के दौरान भैंसों ने भी दूध देना बंद कर दिया. भईया जी की बात सुन के दूधवाला बोला - अरे नहीं वो सुबह से पानी नहीं आ रहा है. क्या भैंसों को पिलायें, क्या मिलाएं?  बिना खाए पिए भैंसिया अइसन मरने दौड़ी की रामदेव बाबा की राम लीला मैदान वाली घटना याद आ गयी.

पानी नहीं आ रहा है, सुन के भईया जी को बहुत चिंता हुई. अभी तो सो के उठे हैं. अभी कुछ किया धरा भी नहीं और अब वो ज़माना भी नहीं रहा की धो पोंछ के काम चला लें.
इसी चिंतन मनन में लगे थे की रोड से बंद समर्थो का जत्था गुजरा. सामने से एक स्कूटर वाला आ रहा था. भीड़ को देखते ही उसने स्कूटर साइड कर ली. भीड़ को पता लगते ही की स्कूटर वाला काम पे जा रहा है, सबने उसे घेर लिया. निचे उतर के 'निरमा' वाली धुलाई कर दी. मुझे लगा की स्कूटर वाला जोश में आएगा और पुरे भीड़ की धुलाई कर देगा. पर हर कोई 'सिंघम' तो नहीं हो सकता.

एक जोशीला बंद समर्थक चिल्लाया- हम पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के विरोध में भारत बंद कर रहे हैं. तुमको देश वासियों की जरा भी परवाह नहीं है. " गुस्से में उसने स्कूटर में आग लगा दी. पेंड़ो को कटते देख के धरती कुछ नहीं बोल पाती. वैसे ही वो अपने स्कूटर ओके धू धू जलते देख के कुछ बोल नहीं पाया.  एक बुजुर्ग जनता, पार्टी में से आगे आये और उसे समझाया - "उदास मत हो बेटा, गाडी का इन्श्योरेंसे तो कराया ही होगा. उसके पैसे से नया गाडी ले लेना."

 तभी सामने से एक समोसे वाला आता दिखाई दिया. भीड़ देखा के तो उसके प्राण सुख गए. वो बाज़ार से भागा भागा आ रहा था. बाज़ार में लोगो ने उसके समोसे गिरा दिए थे. उसने दूर से ही स्कूटर वाले की पिटाई होते देख ली , भीड़ ने उसे घेर लिया, बोले - भूख लग रही है यार, समोसे खिलाओ. समोसे वाला बोला -"वो तो ख़तम हो गयी. लाल चटनी बची है, खा लीजिये. कृपा हो जाएगी". उसके कहते हैं सारी भीढ़ लाइन लगा के लाल चटनी का सेवन करने लगी.

एक कार्यकर्त्ता भईया जी के पास आया और उनको एक पानी का बोतल थमा के बोला - "हई धरो, पानी तो आएगी नहीं आज. बंद में शामिल हो जाओ, तो और भी बोतल मिलेंगे पिने के लिए, सूखे गले से नारा कैसे लगा पाओगे?" भईया जी उससे कुछ कहना चाहते ही थे की कोई चिल्लाया - "भाग भाग ............. भाग " उस बन्दे ने अपना मोबाइल निकाला तो पता लगा की ये तो उसके मोबाइल का रिंग टोन है. पानी वाले भाई फ़ोन पे बतियाते हुए भीड़ में कहीं ग़ुम हो गये.
मोबाइल के रिंग टोन ने भईया जी के लिए प्रेरणा का काम किया. वो धीरे से घर भाग लिए.
बाज़ार बंद था, दुकाने बंद थी, भईया जी ने अपने खिड़की दरवाजा बंद कर लिया. क्योकि आज भारत बंद था. 

 
  • Share This:  
  •  Facebook
  •  Twitter
  •  Google+
  •  Stumble
  •  Digg
Email ThisBlogThis!Share to XShare to Facebook
Newer Post Older Post Home

5 comments:

  1. mayank saxenaJune 4, 2012 at 7:14 AM

    awesm.....

    ReplyDelete
    Replies
      Reply
  2. यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur)June 6, 2012 at 11:17 PM

    कल 08/06/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    ReplyDelete
    Replies
      Reply
  3. manu shrivastavJune 6, 2012 at 11:32 PM

    dhanyabaad bhai.

    ReplyDelete
    Replies
      Reply
  4. yashoda agrawalJune 8, 2012 at 2:11 AM

    बन्द को बन्द करने का कोई तरीका तो खोजे
    समोसे चाय पानी सब खिलवा-पिलवा देंगे

    ReplyDelete
    Replies
      Reply
  5. Rakesh KumarJune 9, 2012 at 7:31 AM

    मनु भाई ,लगता है भीड़ में समोसेवाले की लाल चटनी का
    सेवन आपने भी कर लिया है.तभी तो सी.. सी.. की आवाज
    सुनाई दे रही है अभी तलक.

    भारत बंद भी न जाने कितनों के गले का फंदा बन जाता है.

    ReplyDelete
    Replies
      Reply
Add comment
Load more...

Please Be the part of my life...

Blog Archive

  • ►  2021 (1)
    • ►  July (1)
  • ►  2019 (1)
    • ►  March (1)
  • ►  2018 (5)
    • ►  September (1)
    • ►  July (1)
    • ►  June (3)
  • ►  2017 (1)
    • ►  April (1)
  • ►  2016 (7)
    • ►  April (4)
    • ►  January (3)
  • ►  2015 (2)
    • ►  May (2)
  • ►  2014 (10)
    • ►  September (3)
    • ►  August (1)
    • ►  July (2)
    • ►  April (1)
    • ►  February (2)
    • ►  January (1)
  • ►  2013 (12)
    • ►  August (1)
    • ►  July (4)
    • ►  April (4)
    • ►  February (1)
    • ►  January (2)
  • ▼  2012 (57)
    • ►  December (3)
    • ►  November (4)
    • ►  October (3)
    • ►  September (3)
    • ►  August (7)
    • ►  July (11)
    • ▼  June (6)
      • आग में पानी डालें या तेल
      • पताली एलियन का हमला
      • पापी को सज़ा
      • प्यार का, ना रूप होता है ना रंग होता है. re-post
      • क्लीन चिट
      • आज भारत बंद है
    • ►  May (8)
    • ►  April (4)
    • ►  March (1)
    • ►  February (6)
    • ►  January (1)
  • ►  2011 (85)
    • ►  December (2)
    • ►  November (9)
    • ►  October (1)
    • ►  September (3)
    • ►  August (6)
    • ►  July (13)
    • ►  June (12)
    • ►  May (16)
    • ►  April (14)
    • ►  March (5)
    • ►  February (1)
    • ►  January (3)
  • ►  2010 (33)
    • ►  December (16)
    • ►  November (3)
    • ►  October (6)
    • ►  September (8)

Popular Posts

  • जय माँ भवानी, थावे वाली
    स्कूल में पढ़ते समय शुक्रवार को ढेड घंटे का लंच टाइम हुआ करता था. हमारे कुछ शिक्षक और कुछ छात्र जुम्मे की नमाज अदा करने जाते थे. मेरा स्कूल ...
  • जहाँ अभी है मंदिर मस्जिद वहाँ बनेगी मधुशाला ||53||
    बजी न मंदिर में घडियाली, चढ़ी न प्रतिमा पर माला, बैठा अपने भवन मुअज्जिन देकर मस्जिद में टला, लूटे खजाने नरपतियों के, गिरीं गढ़ों की दीवारें, ...
  • मम्मी पापा मेरे सबसे अच्छे !!!
    मम्मी  मेरी  बड़ी  है  प्यारी सारी  दुनिया  से  वो  न्यारी . प्यार से कहती मुझे गुडिया रानी, कभी  जो  करती  मैं  शैतानी , मम्मी  कहती  मुझे ...
  • कुत्ते, इंसानों के मोहल्ले में.
    सोसाइटी के सफाई वाले अकसर परेशान रहते हैं. आगे झाड़ू लगा रहे होते हैं. पीछे साफ किये जगह में कुत्ते लोटने लगते हैं. कुत्तों के लोटने से जगह फ...
  • मुन्नी कि बदनामी अभी कम नहीं हुई कि आ गयी शीला कि जवानी !!!
    मुन्नी कि बदनामी अभी कम नहीं हुई कि आ गयी शीला कि जवानी !!! पर, मुन्नी और शीला में कई फर्क हैं. मुन्नी कि गाँव कि गोरी है तो , शीला शहरी छोर...
  • अर्थला – पढ़ना एक व्यसन है (Arthla – Vivek Kumar)
    “पढ़ना एक व्यसन है.” उपरोक्त Quote मैंने इसी किताब से लिया है. अगर आपको पढ़ने का व्यसन है, या सरल भाषा में कहें की पढ़ने का नशा है, तो ये क...
  • अगर भारत में रहना है तो समोसा खाना पड़ेगा
    पिज्जों की बढ़ती माँग के कारण समोसों की माँग में भारी गिरावट देखने को मिली है. जिससे समोसा बेंचने वालों के रोजगार पर भारी असर पड़ा है. समोसों ...
  • मैं पाप बेचती हूँ.
    एक बार घूमते-घूमते कालिदास बाजार गये वहाँ एक महिला बैठी मिली उसके पास एक मटका था और कुछ प्यालियाँ पड़ी थी।  कालिदास जी ने उस महिला से पूछा :...
  • मास्टर जी ! फांसी का फंदा एक बिलान छोटी कर दो

Copyright © ये भी ठीक ही है | Powered by Blogger
Design by Hardeep Asrani | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com