तेरी यादो में तड़पते रहें ता उम्र इस कदर,
तेरी यादों के सहारे जीने का हुनर न था,
इतराते रहे प्यार को अपनी तेरे आँखों में देख कर,
दिल के गहराई में उतरने का हुनर न था,
खुदा से पाक थी मोहब्बत तेरी,
मोहब्बत में सजदे का हुनर न था,
मरता रहा 'मनु' तेरी हर अदा पे,
तेरी अदाओं को जीने का हुनर न था
behtreen andaaz.....
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