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Wednesday, July 11, 2012

स्वर्ग की तुझको देवी कह के

 July 11, 2012     kavita, manu shrivastav, turkash.blogspot.in     No comments   


आसमान में लाखों तारे
जगमग जगमग करते सारे
चुन चुन के सब दे दूँ तुझको
बोल तुझे हैं कौन से प्यारे.
आ सजा दूँ तेरे बदन पे इनको
झिलमिल झिलमिल ये नज़ारे.
स्वर्ग की तुझको देवी कह के
वंदन करता सांझ सकारे

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