आसमान में लाखों तारे
जगमग जगमग करते सारे
चुन चुन के सब दे दूँ तुझको
बोल तुझे हैं कौन से प्यारे.
आ सजा दूँ तेरे बदन पे इनको
झिलमिल झिलमिल ये नज़ारे.
स्वर्ग की तुझको देवी कह के
वंदन करता सांझ सकारे
July 11, 2012
kavita, manu shrivastav, turkash.blogspot.in
No comments
0 comments:
Post a Comment