पूछ रहा था वो,
क्या लिखूं आज,
सोंच रहा हूँ मैं,
तू हीं,
कुछ बता,
बोर हो चूका हूँ,
प्यार मोह्हबत की
बातें लिखा कर,
सोंच रहा हूँ,
कुछ नया लिखू,
कह दिया मैंने,
लिखना है तो,
भूख और हवस
पर लिख.
मना कर दिया उसने,
कहा - कभी तो डिसेंट रहा कर,
अब,
सोंच रहा हूँ मैं,
डिसेंट कैसे रहा जाता है?