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Monday, April 29, 2013

सोंच रहा हूँ मैं !

 April 29, 2013     hindi kavita., hindi poem, manu shrivastav, turkash, turkash.blogspot.in, सोंच रहा हूँ मैं     No comments   


पूछ रहा था वो,
क्या लिखूं आज,
सोंच रहा हूँ मैं,
तू हीं,
कुछ बता,
बोर हो चूका हूँ,
प्यार मोह्हबत की
बातें लिखा कर,
सोंच रहा हूँ,
कुछ नया लिखू,
कह दिया मैंने,
लिखना है तो,
भूख और हवस
पर लिख.
मना कर दिया उसने,
कहा - कभी तो डिसेंट रहा कर,
अब,
सोंच रहा हूँ मैं,
डिसेंट कैसे रहा जाता है?
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