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Sunday, August 7, 2011

खुदा से फरियाद कर लो .

 August 07, 2011     hindi poem, kavita, manu shrivastav, manu srijan, manushrivastav, poem     4 comments   

दुआओं में ना सही, बददुआओं में याद कर लो,
हो जांयें फ़ना हमे यूँ बर्बाद कर लो ,
नफरत के स्याही से लिख कर के तुम,
तबाही की हमारी, खुदा से फरियाद कर लो . 
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4 comments:

  1. sushma 'आहुति'August 7, 2011 at 7:29 PM

    nice...

    ReplyDelete
    Replies
      Reply
  2. रेखाAugust 8, 2011 at 2:39 AM

    बहुत खूब ....क्या बात है

    ReplyDelete
    Replies
      Reply
  3. Rakesh KumarAugust 12, 2011 at 11:52 AM

    क्यूँ , क्यूँ , क्यूँ ,
    आखिर क्यूँ मनु भाई?

    ReplyDelete
    Replies
      Reply
  4. संजय भास्करSeptember 13, 2011 at 4:52 AM

    वाह बेहतरीन !!!!

    ReplyDelete
    Replies
      Reply
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