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Wednesday, July 27, 2011

तेरी आँखों में डूब जाने को जी करता है .

 July 27, 2011     hasya, manu shrivastav, manu srijan, shayari     2 comments   


तेरी आँखों में डूब जाने को जी करता है .
पर क्या करें ज़ालिम उधर कीचड़ बहुत है .
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2 comments:

  1. Rakesh KumarJuly 27, 2011 at 6:19 AM

    कीचड़ स्नान का बहुत फायदा है मनु भाई.
    जी कर रहा है तो डुबकी लगा ही लीजियेगा.
    कीचड़ सूख गई तो सूखे ही रह जाओगे.

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  2. manu shrivastavJuly 27, 2011 at 9:47 AM

    ye aankho ka kichad kahi eye flu ki wajah se na hui ho :D

    ReplyDelete
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