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Wednesday, July 20, 2011

रुसवा

 July 20, 2011     manu shrivastav, manu srijan, shayari, sher     2 comments   

नाम उसका बताने से कोई गुरेज़ नहीं हमें ,
पर सोंचते हैं, एक बेवफा को रुसवा क्यों किया जाये .
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2 comments:

  1. Rakesh KumarJuly 20, 2011 at 2:40 AM

    आपकी सोच क्या 'शोचनीय' तो नहीं?
    बेवफा की रुसवाई पर 'सोच' कैसा,मनु भाई.

    मेरे ब्लॉग पर आईयेगा,नई पोस्ट जारी की है.

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      Reply
  2. रेखाJuly 20, 2011 at 4:57 AM

    बहुत खूब ..................

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