
सुरज कि किरणें हैं निकली, आया है प्रभात नया
नई उमंगे, नई तरंगे, मन में है जज्बात नया .
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ऍ सुरज तुम रॉज चमक के जग को रोशन करते हो
अन्धकार को दूर भगा के जग में खुशियां भरते हो
ऍ सुरज तेरे हि कारण होता है, दिन रात नया
सुरज कि किरणें हैं निकली, आया है प्रभात नया
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घनघोर अन्धेरे से लड्ने कि तुमसे हि शक्ति मिलती है
क्युं न पउजे तुम्को भगवन , तुमसे हइं कलिया. खिलती हैं
मन सतरन्गी हो जाये, फिर आता है हालात नया
सुरज कि किरणें हैं निकली, आया है प्रभात नया
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नवजीवन देने कि शक्ति है ऍ सुरज तेरी किरनो में
स्वीकार करो तुम ऍ भगवन ये जल क अर्पण चरणों में
दया तुम जग पे करते हो, देते नित सैगात नया
सुरज कि किरणें हैं निकली, आया है प्रभात नया
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