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Saturday, May 28, 2011

वो कहते हैं,

 May 28, 2011     manu shrivastav, manu srijan, poem, wo kahate hain     No comments   


कौन कहता है की दिल मोहब्बत में टूटता है,
अजी !!!!!!!!
दिल दोस्ती में टूटते हैं .
हम समझाते हैं की हम मोहब्बत कर रहे हैं,
वो कहते हैं,
अजी !!!!!!!
हम तो दोस्त थे !
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