सोने की लंका को जीतने के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने भी अपने छोटे भाई लक्ष्मण से कहा था
"अपि स्वर्णमयी लङ्का न मे लक्ष्मण रोचते जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी"
May 07, 2011
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