रुसवा July 20, 2011 manu shrivastav, manu srijan, shayari, sher 2 comments नाम उसका बताने से कोई गुरेज़ नहीं हमें ,पर सोंचते हैं, एक बेवफा को रुसवा क्यों किया जाये . Share This: Facebook Twitter Google+ Stumble Digg Email ThisBlogThis!Share to XShare to Facebook
आपकी सोच क्या 'शोचनीय' तो नहीं?
ReplyDeleteबेवफा की रुसवाई पर 'सोच' कैसा,मनु भाई.
मेरे ब्लॉग पर आईयेगा,नई पोस्ट जारी की है.
बहुत खूब ..................
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