आदमी इशक का और भी बीमार होता है,
निशब्द होने पे ही चीनी कम होता है,
साठ के बाद ही इशक में दम होता है.
कौन कहता है कि बुद्धे इशक नहीं करते
करते हैं तो खुले आम करते हैं.
इस उमर में इशक कि ना बीमारी हो,
धर्मेन्द्र हों चाहे एन डी तिवारी हों.
यमला पगला दीवाना के आइटम सोंग टिंकू जिया का एक दृश्य

http://youtu.be/9hSIo9D6g20
ReplyDeleteNice one
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