भईया जी पिनिके (गुस्साये ) हुए थे ! घर के सारे सहमे हुए थे, की हुआ क्या हैं? कल भौजी में भईया जी को कद्दू का तरकारी खिला दिया था. अब भईया जी को पेट में बाय (गैस) हो गया था. डकार पे डकार मार रहे थे. और भउजी पर तर्रा रहें थे, "जब पता बा की हमे कोहड़ा (कद्दू ) के तरकारी पसंद नहीं आता, हमके जबरदस्ती खिला ने की जरुअत क्या थी? "
भउजी को अभी हड़का ही रहे थे की भईया जी के परम मित्र सरदार अमरीक सिंह आ गए. भईया की हालत देख के पूछे की डाकदर बाबु को बोला के लायें का?
भईया जी का गैस के मारे बुरा हाल था, हिम्मत कर के बोलना चाह हूँsss. , मगर निकल गयी पूंsss .
मामले की गंभीरता को देख के अमरीक सिंह डाकदर बाबु को बोलाने चले गए.
इधर भईया जी , को जीतनी तकलीफ हो रही थी, भउजी पे उतने ही पिनिक रहे थे, "खोर खोर के मुआने से अच्छा है की हमको एक बार में ही मार दो "
थोड़े देर में ही डाकदर बाबु आ गए. देख दुख के दवाई देके चले गए. पर काफी देर के बाद भी आराम नहीं मिला.. भईया जी फेर भउजी पर बिगड़ने लगे. भउजी भी बड़ी देर से बर्दास्त कर रही थी. उहो गुस्सा के बोली - "अब दवाई असर नहीं कर रहा है तो हम पे कहे पिनिक के फायर हो रहे ho" वे झनकती फटकती घर में जाने लगी.
अचानक से दवाई ने असर किया और भईया जी के पेट से गैस निकले लगी.
पोंssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssss.
भईया जी चैन की साँस लेते हुए बोले पिनिक के फायर तो अब्ब हुआ है . :D
नए शब्द की जानकारी धन्यवाद
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